छत्तीसगढ़

मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: CGMSC ने डायबिटीज की दवा के एक बैच के उपयोग पर लगाई रोक

Shantanu Roy
3 Nov 2025 11:36 PM IST
मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: CGMSC ने डायबिटीज की दवा के एक बैच के उपयोग पर लगाई रोक
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक अहम निर्देश जारी किया है। निगम ने राज्य के रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तथा शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को आदेश दिया है कि वे Metformin 500mg + Glimepiride 2mg Sustained Release Tablet (Batch No. MGC-506, Firm Name: Healers Lab) के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं।

गुणवत्ता शिकायतों के बाद कार्रवाई
ड्रग वेयरहाउस रायपुर की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि उक्त दवा बैच से संबंधित गुणवत्ता संबंधी शिकायतें कुछ स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों में दवा की प्रभावशीलता और संरचना को लेकर संदेह जताया गया था। सीजीएमएससी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाया है ताकि मरीजों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

दवा की जांच और परीक्षण प्रक्रिया शुरू
निगम के अधिकारियों ने बताया कि रोक लगाए गए इस बैच की गुणवत्ता जांच और तकनीकी परीक्षण कराए जाएंगे। संबंधित प्रयोगशाला में दवा के नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही निगम यह तय करेगा कि इस दवा के उपयोग की अनुमति दी जाए या इसे पूरी तरह बाजार से वापस लिया जाए।

अस्पतालों को जारी निर्देश
CGMSC द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से इस बैच की दवा का मरीजों को वितरण और उपयोग बंद करें। साथ ही, जो स्टॉक अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है, उसे ड्रग वेयरहाउस रायपुर में तत्काल वापस भेजने को कहा गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस दवा का उपयोग जारी रखने से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में संबंधित बैच की दवा मरीजों को न दी जाए।

मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
सीजीएमएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दवाओं के हर बैच की निगरानी की जाती है। “हमारा प्राथमिक उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा है। किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाता। परीक्षण रिपोर्ट आने तक दवा का उपयोग रोकना एक एहतियाती कदम है,” उन्होंने कहा।
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